पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान शीतलनाथ पर्यावरण एवं पर्यटन केन्द्र के अन्तर्गत तिलकराज जल विहार एवं शीतल उद्यान का निर्माण कार्य जारी है जिसके अन्तर्गत एक बडी झील का निर्माण किया जावेगा जिसमें नौकायन की व्यवस्था रहेगी तथा झील में ही व्यक्ति के जीवन एवं मरण की ऐसी झांकी प्रस्तुत की जावेगी, जिसके माध्यम से वह अपने उन पापों को नष्ट कर सकेगा जिससे उसका जीवन नर्क बन गया है। यह झील बहुत विशाल होगी। प्रथम चरण के अन्तर्गत 24 दुकानों का निर्माण कार्य हो चुका है जिसे शॉपिंग कॉम्प्लैक्स का रूप दिया गया है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान नेमिनाथ प्राणी सेवा केन्द्र (प्राणी शाला) प्रारम्भ हो चुकी है। वर्तमान प्राणी शाला में लगभग 60 पशु है जिनके आहार-पानी तथा उपचार आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है। आगामी योजना में एक विशाल प्राणी शाला बनाने का प्रावधान है जिसके अन्तर्गत पशु-पक्षियों का एक विशाल हॉस्पिटल होगा।
एक विशाल उद्यान भी बनाया गया है जिसमें विभिन्न प्रकार के पेड-पौधे लगाये है तथा एक बगीचा ऊपर पहाडी पर एवं एक बगीचा निर्मण माणिक हॉस्पिटल प्रांगण में बनाया गया है जो कि बहुत ही मनोहारी तथा हरियाली युक्त है।